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Saturday, July 31, 2010

छोटे चोर द्वारा ज्यादा सुने गये रफ़ी के गीत

 आ जा पंछी अकेला है , रफ़ी-आशा,मजरूह,सचिनदेव बर्मन,नौ दो ग्यारह


 दीवाना मस्ताना हुआ दिल, रफ़ी-आशा,मजरूह,बम्बई का बाबू,सचिनदेव बर्मन



मन रे तू काहे न धीर धरे ,चित्रलेखा, रफ़ी,साहिर लुधियानवी,रौशन


Thursday, October 23, 2008

दो अनूठे गीत

पहला गीत आशा भोंसले और मोहम्मद रफ़ी का दोगाना है । फिल्म रिलीज़ नहीं हुई । अभिनय विश्वजीत और साधना का दिख रहा है ।
दूसरा गीत १९५२ की जाल फिल्म का है , साहिर लुधियानवी के बोलों को सचिन देव बर्मन ने सुरों में ढाला है , गायिका लता मंगेशकर हैं ।
सुनिए और बताइए कि पहले इन्हें सुना था या नहीं और कैसे लगे ?


Friday, September 12, 2008

तलत के स्वर में रफ़ी का गाया गीत

५० के दशक में पश्चिम में अंग्रेजी के लोकप्रिय गीतों के बारे में एक परम्परा थी । ग्रामाफोन कम्पनियाँ 'हिट गीत' को अन्य लोकप्रिय कलाकारों से भी गवाते थे और उसके ग्रामाफोन रेकॉर्ड भी जारी करते थे । इसके देखा-देखी एच.एम.वी ने भारत में भी यह प्रयोग आजमाया । प्रयोग व्यापक न हो सका ।
बहरहाल चित्रगुप्त के संगीत निर्देशन में बनी 'भाभी' फिल्म का 'चल उड़ जा रे पंछी , अब ये देश हुआ बेगाना ' अपने जमाने का हिट गीत था । यह गीत फिल्म में मोहम्मद रफ़ी द्वारा गाया गया है । एच.एम.वी ने ७८ आर.पी.एम (बहुत तेज चलने वाले मोटे रेकॉर्ड ) के रेकॉर्ड में इस गीत को तलत महमूद की आवाज़ में भी पेश किया ['Version Recording FT21027 Twin/Black Label 78 RPM'] ।
संगीत के रसिक डॉ. बुखारी ने इस दुर्लभ गीत को यू ट्यूब में पेश किया है ,तलत साहब के कुछ दुर्लभ चित्रों के साथ । यहाँ यह बता देना उल्लेखनीय है कि मुकेश की तरह तलत महमूद ने कुछ फिल्मों में अभिनय भी किया था ।

पहले सुनें तलत महमूद के स्वर में



फिर मोहम्मद रफ़ी के स्वर में :

Monday, May 19, 2008

एक मधुर दोगाना

१९६५ में किरन प्रोडक्शन द्वारा बनायी गयी फिल्म नीला आकाश का संगीत मदन मोहन का था । धर्मेन्द्र और माला सिन्हा अभिनित फिल्म का यह दोगाना अत्यन्त मधुर है । आवाज दी है मोहम्मद रफ़ी और आशा भोंसले ने । गीत रचना राजा मेंहदी अली खाँ की । गीत के बोल :
आप को प्यार छुपाने की बुरी आदत है , आप को प्यार जताने की बुरी आदत है ।
आप ने सीखा है क्या दिल को लगाने के सिवा ?
आप को आता है क्या, नाज़ दिखाने के सिवा ?
और हमें नाज़ उठाने की बुरी आदत है ॥

किसलिए आप ने शर्मा के झुका ली आँखें,
किसलिए आप से घबरा के बचा ली आँखें ?
आप को तीर चलाने की बुरी आदत है ॥

Sunday, April 13, 2008

दो प्रेम गीत : प्रेम परबत ,हमराही से

मोहम्मद रफ़ी और मुबारक़ बेग़म का यह मधुर दोगाना, 'मुझको अपने गले लगा लो,ऐ मेरे हमराही', 'हमराही' फ़िल्म से लिया गया है । मुबारक़ बेग़म ने फिल्मों में कम गीत गायें हैं लेकिन उनकी एक विशिष्ट छाप है । प्रेम परबत फ़िल्म ज्यादा नहीं चली थी लेकिन जयदेव का दिया इसका संगीत लोकप्रिय हुआ था । प्रस्तुत गीत ( ये दिल और उनकी निगाहों के साए ) के अलावा एक अन्य मोहक गीत इस फ़िल्म में था : रात पिया के संग जागी रे सखी