पंडित दत्तात्रेय विष्णु पलुस्कर सिर्फ़ दस साल के थे जब उनके पिता विष्णु दिगम्बर पलुस्कर नहीं रहे। पं. विनायकराव पटवर्धन तथा पं नारायणराव व्यास से उन्होंने गायन सीखा। १४ वर्ष की अवस्था में हरवल्लभ संगीत सम्मेलन (पंजाब) में प्रथम प्रस्तुति का मौका मिला। उन्होंने ग्वालियर घराने को अपनाया लेकिन अन्य घरानों की विशिष्टताओं को भी ग्रहण किया। उनकी आवाज अत्यन्त मधुर और कर्णप्रिय थी।
उनके भजन तथा उस्ताद अमीर खान साहब के साथ बैजू बावरा फिल्म में जुगलबन्दी भी अत्यन्त प्रसिद्ध हैं।
३४ वर्ष की अल्पायु में मस्तिष्क ज्वर से उनकी मृत्यु हुई।
'आगाज़' के सुधी श्रोता इस अमर गायक के गायन का रसास्वादन करेंगे ।
उनके भजन तथा उस्ताद अमीर खान साहब के साथ बैजू बावरा फिल्म में जुगलबन्दी भी अत्यन्त प्रसिद्ध हैं।
३४ वर्ष की अल्पायु में मस्तिष्क ज्वर से उनकी मृत्यु हुई।
'आगाज़' के सुधी श्रोता इस अमर गायक के गायन का रसास्वादन करेंगे ।