मीत द्वारा प्रस्तुत तीन बाल-गीतों से प्रेरित हो कर बच्चों के लिए दो फिल्मी गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ । एक आशा भोंसले ने गाया है , हेमन्त कुमार का संगीत है , फिल्म है जागृति,शब्द कवि प्रदीप के हैं । दूसरा गीत मोहम्मद रफ़ी का गाया है लेकिन शब्द रचना राजेन्द्र कृष्ण की है?
छात्र युवा संघर्ष वाहिनी , नौजवानों की जिस जमात से आपात-काल के खत्म होते होते जुड़ा उसने 'सांस्कृतिक क्रान्ति' का महत्व समझा । भवानी बाबू ने इस जमात को कहा ' सुरा-बेसुरा ' जैसा भी हो गाओ। सो , सुरे-बेसुरे गीतों का यह चिट्ठा ।
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Friday, August 15, 2008
Monday, May 19, 2008
एक मधुर दोगाना
१९६५ में किरन प्रोडक्शन द्वारा बनायी गयी फिल्म नीला आकाश का संगीत मदन मोहन का था । धर्मेन्द्र और माला सिन्हा अभिनित फिल्म का यह दोगाना अत्यन्त मधुर है । आवाज दी है मोहम्मद रफ़ी और आशा भोंसले ने । गीत रचना राजा मेंहदी अली खाँ की । गीत के बोल :
आप को प्यार छुपाने की बुरी आदत है , आप को प्यार जताने की बुरी आदत है ।
आप ने सीखा है क्या दिल को लगाने के सिवा ?
आप को आता है क्या, नाज़ दिखाने के सिवा ?
और हमें नाज़ उठाने की बुरी आदत है ॥
किसलिए आप ने शर्मा के झुका ली आँखें,
किसलिए आप से घबरा के बचा ली आँखें ?
आप को तीर चलाने की बुरी आदत है ॥
आप को प्यार छुपाने की बुरी आदत है , आप को प्यार जताने की बुरी आदत है ।
आप ने सीखा है क्या दिल को लगाने के सिवा ?
आप को आता है क्या, नाज़ दिखाने के सिवा ?
और हमें नाज़ उठाने की बुरी आदत है ॥
किसलिए आप ने शर्मा के झुका ली आँखें,
किसलिए आप से घबरा के बचा ली आँखें ?
आप को तीर चलाने की बुरी आदत है ॥
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