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Wednesday, November 5, 2008

प्यास लगे तो एक बराबर...

देश की सभी नदियाँ राष्ट्रीय हैं । लेकिन गंगा तो 'प्यास लगे तो एक बराबर सब में पानी डाले' , 'नि:शब्द सदा बहने वाली'(स्व. पंडित नरेद्र शर्मा के बोल)है । उर्दू के बेनज़ीर शायर नज़ीर बनारसी गंगा जल में वजू कर नमाज अदा करने की बात कहते थे। नज़ीर बनारसी की गंगा पर वह रचना अति शीघ्र प्रस्तुत करूंगा।