छात्र युवा संघर्ष वाहिनी , नौजवानों की जिस जमात से आपात-काल के खत्म होते होते जुड़ा उसने 'सांस्कृतिक क्रान्ति' का महत्व समझा । भवानी बाबू ने इस जमात को कहा ' सुरा-बेसुरा ' जैसा भी हो गाओ। सो , सुरे-बेसुरे गीतों का यह चिट्ठा ।
ग़मन फिल्म के दो अत्यन्त मर्मस्पर्शी गीत प्रस्तुत हैं । हीरादेवी मिश्रा का गाया हुआ 'रस के भरे तोरे नैन' तथा छाया गांगुली का गाया 'आप की याद आती रही रात भर'