मुकेश का यह दुर्लभ एकल गीत सुनें :
छात्र युवा संघर्ष वाहिनी , नौजवानों की जिस जमात से आपात-काल के खत्म होते होते जुड़ा उसने 'सांस्कृतिक क्रान्ति' का महत्व समझा । भवानी बाबू ने इस जमात को कहा ' सुरा-बेसुरा ' जैसा भी हो गाओ। सो , सुरे-बेसुरे गीतों का यह चिट्ठा ।
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Thursday, September 18, 2008
Monday, June 2, 2008
गीता दत्त और लताजी के सुहाने गीत
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कुछ अत्यन्त मधुर गीत । कुछ लता मगेशकर के , कुछ गीता दत्त के । संग्रह लाजमीतौर पर मेरी पसन्द का है। आप सबकी राय अपेक्षित है।
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