छात्र युवा संघर्ष वाहिनी , नौजवानों की जिस जमात से आपात-काल के खत्म होते होते जुड़ा उसने 'सांस्कृतिक क्रान्ति' का महत्व समझा । भवानी बाबू ने इस जमात को कहा ' सुरा-बेसुरा ' जैसा भी हो गाओ। सो , सुरे-बेसुरे गीतों का यह चिट्ठा ।
कमलेश्वर और गुजराल की फिल्म आँधी आपातकाल के दौरान आई थी । इसे अलिखित तौर पर रोक दिया गया था । इस गीत में सुचित्रा सेन की चाल से आपको इन्दिरा गाँधी की चाल नहीं याद आती ?