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Thursday, August 7, 2008

सावन ,बरखा,मेघ,बिजुरिया के गीत नए भी हैं

संगीत पारखी आदरणीय संजय पटेलजी ने 'श्रोता बिरादरी ' में कमल बारोट और सुमन कल्याणपुर का गीत प्रस्तुत करते वक्त कहा कि अब 'सावन' , 'बरखा','मेघ','बदरा' गीतों में क्यों नहीं आते? मुझे बार बार लगा कि बरसात की एक रात के बाद से कितने गीत फिल्मों में आए होंगे?
आज ऐसे कुछ दुर्लभ गीत प्रस्तुत हैं । सरदारी बेगम , आरती टिकेकर , हरिहरन और मन्ना डे जैसे कलाकारों के स्वर में ।














एक से बढ़कर एक नगीने चुन कर लाये हैं ज़नाब.
आरती तिकेकर का गाया घिर घिर आये बदरिया तो मेरा बेहद मनपसंद गीत है.
- मैथिली
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मैथिलीजी , आभार आरती टिकेकर का नाम बता कर। अंतिम गीत मन्ना डे का है।
- अफ़लातून
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प्रीति सागर और आरती अंकलीकर के गाए और आपके द्वारा प्रस्तुत वर्षा-गीत तो मेरे भी पसंदीदा गीत हैं . इन सदाबहार गीतों को पुनः सुनवाने के लिए आभार ! - प्रियंकर
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wah wah kya baat hai...itii badhiya post..aanandum aanandum...aabhaar
Parul
aur manna dey ke is geet ki jitni taareef ki jaye kum hai...
-Parul