विविध भारती का एक कार्यक्रम हमें बहुत पसन्द था - 'साज़ और आवाज़'। एक गीत और उसके बाद किसी वाद्य यन्त्र पर उसी गीत की धुन पेश की जाती थी । यह कार्यक्रम शाम को प्रसारित होता था । रेडियो सिलोन पर भी ऐसा ही एक कार्यक्रम प्रसारित होता था । वाद्य यन्त्र पर धुन पेश करने वाले कलाकारों के भी हम कायल हुआ करते थे । पियानो एकॉर्डियन पर एनॉक डैनियल , मदन कुमार , मिलन गुप्ता मॉउथ ऑर्गन पर अथवा गिटार पर गांगुली धुनें पेश करते थे । शौकिया वाद्य यन्त्र बजाने वाले तो इन कार्यक्रमों को बिना नागा सुनते । लम्बे समय से यह कार्यक्रम बन्द कर दिए गए हैं । विविध भारती धुनों का इस्तेमाल जरूर करती है ,बिना कलाकारों का नाम उद्घोषित किए , अन्य कार्यक्रमों के बीच अन्तरालों में । जैसे एफ़एम के नए चैनल गीतकारों का नाम हजम कर जा रहे हैं , विविध भारती इन धुनों को बजाने वालों को श्रेय देना उचित नहीं समझ रही है ।
बहरहाल आगाज़ में आज हम साज और आवाज की स्मृति में काश्मीर की कली फिल्म का लोकप्रिय गीत दीवाना हुआ बादल पेश कर रहे हैं । मूल गीत के साथ कोलकाता के सुमन्त द्वारा माउथ ऑर्गन पर बजाई गई इस धुन को भी सुनना न भूलें। सुमन्त ३१ वर्ष के हैं और पिछले १७ वर्षों से शौकिया माउथ ऑर्गन बजा रहे हैं। पेशे से वे वेब डिज़ाइनर हैं ।