डी. वी. पलुस्कर को सुनने वाले जो हिन्दी चिट्ठों पर पहुंचते हैं , अभी कम हैं । ऐसे में फिल्मी गीत सुनें :
हुई शाम उनका खयाल आ गया - मेरे हमदम मेरे दोस्त
रोज शाम आती थी - इम्तेहान
दिन ढल जाए - गाइड
वो शाम कुछ अजीब थी - ख़ामोशी
हुई शाम उनका खयाल आ गया - मेरे हमदम मेरे दोस्त
रोज शाम आती थी - इम्तेहान
दिन ढल जाए - गाइड
वो शाम कुछ अजीब थी - ख़ामोशी