छात्र युवा संघर्ष वाहिनी , नौजवानों की जिस जमात से आपात-काल के खत्म होते होते जुड़ा उसने 'सांस्कृतिक क्रान्ति' का महत्व समझा । भवानी बाबू ने इस जमात को कहा ' सुरा-बेसुरा ' जैसा भी हो गाओ। सो , सुरे-बेसुरे गीतों का यह चिट्ठा ।
Sunday 18 July 2010
छोटे चोर के गीत (२)
मन आनन्द आनन्द छायो - आशा भोंसले तथा सत्यशील देशपांडे, संगीत - अजित वर्मन , शब्द- वसन्त देव,फिल्म- विजेता
बावरा मन देखने चला एक सपना ,फिल्म- हजारों ख्वाहिशें ऐसी, शब्द और स्वर - स्वानन्द किरकिरे
2 comments:
Beautiful.
Thanks.
दोनो---मधुर........
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