Monday 3 August 2009

जगजीत सिंह - चित्रा सिंह की चुनिन्दा - अविस्मरणीय गज़लें

5 comments:

  1. इतनी सुनी हुई गज़लें हैं ये, गोया ज़िन्दगी का हिस्सा हैं ....फिर भी आज एक अर्से के बाद सुना तो वोही नशा तारी है ... जैसा तब हुआ था जब मैं ने इन्हें पहली बार सुना था ..... The Unforgettables को शायद १९८० के अंत में या १९८१ के शुरू में. ख़ासकर "बात निकलेगी तो फिर........." .... नज़्म तो खैर है ही बेमिसाल, किसी नज़्म की इतनी बेहतरीन अदायगी शायद बहुत कम हुई हो ......

    शुक्रिया वो पुराने दिन ज़हन में फिर से ताजा करने के लिए.

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  2. बहुत बहुत आभार ...

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  3. बहुत ही बेहतरीन पोस्ट...

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  4. these are really a nice gazals, thanks for remebering me these good old numbers. One thing more i have all these collection with me.

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