Monday 13 July 2009

बादल देख डरी / मीरा / वाणी जयराम / पण्डित रविशंकर

बादल देख डरी हो, स्याम, मैं बादल देख डरी
श्याम मैं बादल देख डरी
काली-पीली घटा ऊमड़ी बरस्यो एक घरी
जित जाऊं तित पाणी पाणी हुई सब भोम हरी
जाके पिया परदेस बसत है भीजे बाहर खरी
मीरा के प्रभु गिरधर नागर कीजो प्रीत खरी
श्याम मैं बादल देख डरी

मीराबाई के इस पद को ज्युथिका राय से लगायत कई गायिकाओं और गायकों ने भी गाया है । मशहूर ब्लॉगर ने ज्युथिका राय का गाया ’ गीतों की महफ़िल ’ में पहले पेश किया था। गुलजार की बनाई ’ मीरा’ फिल्म में पण्डित रविशंकर का संगीत है और इस पद को वाणी जयराम ने गाया है । वाणी जयराम का गाया मेरी पत्नी डॉ. स्वाति गुनगुनाती हैं और ’जाके पिया परदेस बसत है भीजे बाहर खरी ’ की तर्ज पर हमें भीजता छोड़ लम्बे अध्ययन अवकाश पर जा रही हैं ।

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