Saturday 27 September 2008

इंकलाब जिन्दाबाद


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3 comments:

  1. जि‍तनी बार शहीद देखी है, तब तब ऑंखे नम हो गई है। ये मेरी पसंदीदा फि‍ल्‍मों से एक है। गाना सुनाने के लि‍ए शुक्रि‍या।

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  2. इंकलाब जिन्दाबाद! इंकलाब और इंकलाबी कभी नहीं मरते।

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  3. पिछले दिनों में अचानक शहर में पोस्टरों की बाढ़ आ गयी. शहीद भगतसिंग की तसवीरें और देशभक्तों के चित्र और देशभक्ति के फ़िल्मी गानों से लदे वाहनों की आवाजाही बढ़ सी गयी.

    मेरे प्रदेश में चुनाव का बिगुल जो बज गया है. कांग्रेस ने इन शहीदों के ब्राण्ड पर जैसे पुश्तैनी कब्ज़ा कर लिया है.

    आपके यहां पोस्ट किये चित्र को प्रिन्ट कर यहां परसों हुए एक शहीद भगत सिंग स्मृति समारोह में पधारे एक विधायक से पूछ्नें की हिमाकत कर बैठा- भैयाजी, ये कौन है,ज़रा बूझें तो?

    नेताजी चौंके और तपाक से बोले- पता नही,क्या कोई आतंकवादी है ?

    जय हिन्द!!

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