Friday, 18 July, 2008

ना मैं लड़ी थी

कबीर की बेटी कमाली की रचना को आशा भोंसले स्वर में सुनें :



boomp3.com

6 comments:

maithily said...

अरे आशा भौंसले ने भी गाया है इसे?
मैंने तो इसे लोक गीत के रूप में बहुत पहले बचपन में सुना था!
बहुत सुमधुर है ये!

Ashok Pande said...

अद्भुत है! धन्यवाद सर!

Udan Tashtari said...

बहुत सुन्दर. हम तो इसे सत्यम शिवम सुन्दरम फिल्म का एक गाना बस जानते थे. यह तो पहली बार सुन रहे हैं..आप के पास भी खजाना है.

Parul said...

shukriyaa...ashaa ki avaaz me pehli baar sunaa ise..

lalloo said...

परेशानी के आलम में कम से कम यहां तो सुकून मिला

मैथिली गुप्त said...

लाज़बाव