तीन बेर खाता था ,सिर्फ़ मैक्डॉनाल्ड के मेनू से, महीने भर ! फिल्मकार मॉर्गन स्पर्लॉक ने खुद पर यह प्रयोग किया । पूरी प्रक्रिया के दौरान काएदे के डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत की निगरानी करती थी । नतीजा ? 'सुपर साइज़ मी' नामक सुपर हिट डॉक्युमेन्टरी फिल्म । कथावाचक -स्वयं फिल्मकार है । फिल्म में आहार विशेषज्ञो , डॉक्टरों और फ़ास्ट फ़ूड खाने वालों से स्पर्लॉक ने खुद साक्शात्कार लिए हैं और महीने भर में हो रहे परिवर्तनों को बखूबी फिल्माया है ।
पूरी फ़िल्म ( एक घण्टा , उन्तालिस मिनट ,सत्ताइस सेकण्ड की फिल्म) यहाँ देखें और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें ।
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2 hours ago



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जानकारी के लिए आभार
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