Saturday 31 July 2010

छोटे चोर द्वारा ज्यादा सुने गये रफ़ी के गीत

 आ जा पंछी अकेला है , रफ़ी-आशा,मजरूह,सचिनदेव बर्मन,नौ दो ग्यारह


 दीवाना मस्ताना हुआ दिल, रफ़ी-आशा,मजरूह,बम्बई का बाबू,सचिनदेव बर्मन

 

मन रे तू काहे न धीर धरे ,चित्रलेखा, रफ़ी,साहिर लुधियानवी,रौशन

3 comments:

honesty project democracy said...

रोचक प्रस्तुती ...

शरद कोकास said...

वाह !

indu puri said...

दीवाना मस्ताना हुआ दिल और मन रे तू काहे ना धीर धरे,वो निर्मोही मोह ना जाने जिनका मोह किये'
बहुत प्यारे गाने हैं दोनों.
दोनों फिल्म्स भी मेरी पसंदीदा फिल्म्स मे से है. आपने देखि? नही? तो जरूर देखिये.प्यार के उद्दात्त रूप को दर्शाया गया है ,जहाँ प्यार ईश्वर के समीप ले जाता है और स्वयं ईश्वर बन जाता है.चारित्रिक दृढ़ता मैंने इन्ही से सीखी.
सच्ची.
क्योंकि सचमुच ऐसीच हूं मैं.
दुनिया कितनी आगे निकल गई है किन्तु मेरे लिए वहीं ठहरी है इन् दोनों नारी-चरित्रों के साथ.