Wednesday 21 July 2010

छोटे चोर की पसन्द (३)

कई बार यूं ही देखा है,शब्द -योगेश ,स्वर - मुकेश



तुम अपना रंज-ओ-गम ,मुबारक बेगम

1 comments:

Archana said...

दोनों---- पसन्द