कमलेश्वर और गुजराल की फिल्म आँधी आपातकाल के दौरान आई थी । इसे अलिखित तौर पर रोक दिया गया था । इस गीत में सुचित्रा सेन की चाल से आपको इन्दिरा गाँधी की चाल नहीं याद आती ?
छात्र युवा संघर्ष वाहिनी , नौजवानों की जिस जमात से आपात-काल के खत्म होते होते जुड़ा उसने 'सांस्कृतिक क्रान्ति' का महत्व समझा । भवानी बाबू ने इस जमात को कहा ' सुरा-बेसुरा ' जैसा भी हो गाओ। सो , सुरे-बेसुरे गीतों का यह चिट्ठा ।
Saturday 25 April 2009
Thursday 23 April 2009
Tuesday 21 April 2009
' विरह विथा का को कहूं सजनी '
कल मेरी पत्नी डॉ. स्वाति उत्तर बंग में समाजवादी जनपरिषद के दो प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने गयी हैं । आज उनकी प्रिय एम. एस. सुब्बलक्ष्मी के स्वर में मीराबाई के यह तीन भजन पेश कर रहा हूँ । वे लौटकर सुनेंगी । मैं आज सुन रहा हूँ। क्या पता गुनगुना रही हों , चुनावी सभाओं के बीच के अन्तराल में !
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Saturday 11 April 2009
Monday 6 April 2009
राग देश में तराना : उस्ताद राशिद खान
परसों तक विदुषी वीणा सहस्रबुद्धे विविध भारती के ’संगीत सरिता’ में ’तरानों’ से परिचय करा रही थीं । ज्यादातर हमारी काशी के पद्मश्री पंडित बलवन्तराय भट्ट जी द्वारा तैय्यार तराने सुनाये,उन्होंने ।
उसी प्रक्रिया में मुझे उस्ताद राशिद खान साहब का ,राग देश में यह तराना मिल गया । उम्मीद है आप को भी पसन्द आयेगा ।
उसी प्रक्रिया में मुझे उस्ताद राशिद खान साहब का ,राग देश में यह तराना मिल गया । उम्मीद है आप को भी पसन्द आयेगा ।
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