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हरि ओम ततसत ,हरि ओम,
महामन्त्र है ,इसको जपाकर ।
वो है कौन सा मन्त्र कल्याणकारी,
तो बोले त्रिलोचन महादेव
हरि ओम ततसत हरि ओम
असुर ने जो अग्नि का अम्बा रचा था,
तो निर्दोश प्रह्लाद क्यों कर बचा था ,
यही मन्त्र लिखे थे उसकी ज़ुबाँ पर
हरि ओम ततसत हरि ओम
लगी आग लंका में हलचल मचा था,
तो घर विभीषण का क्यों कर बचा था,
यही शब्द लिखे थे उसके मकाँ पर,
हर ओम ततसत हरि ओम
आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक मंगलकामनाऐं.
ReplyDeleteकिन शब्दों मैं आपका धन्यवाद दूं....दोनों ही बंदिशें ....बस सुनते चले जाओ...डाउनलोड का लिंक भी दे सकते हैं
ReplyDeletekayi baar sunkar..dhanyavaad likh rahi huun
ReplyDeleteबहुत सुंदर प्रस्तुति.
ReplyDeleteआपको और सभी पाठकों को दीपावली पर्व और नए संवत्सर के लिए बधाई!